मयूरी त्यागी
दूर खड़े वो नैना, जागें पूरी रैना,
थके-थके से, झुके-झुके से, लुटे-लुटे से,
किसी की तलाश में, किसी के अहसास में,
दूर खड़े वो नैना, जागे पूरी रैना,
दूर खड़े वो नैना, जागे पूरी रैना,
थोड़े-थोड़े शरमाते, थोड़े-थोड़े इतराते,
कभी नखरे दिखाते, कभी आंसू छलकाते, गमी में भी मुस्कुराते,
दूर खड़े वो नैना, जागे पूरी रैना

1 comment:
सुन्दर रचना है\बधाई।
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